हर कर्म ऐसा करो कि जिससे तेरा मान हो, हर कदम आगे बढे जो वो तेरी पहचान हो. कर्म से बन जाये पथ पर तेरे कदमो के निशां, मंजिलें बन जाय उनसे रोशन हर इंसान हो.
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएं