न्याय की देवी आँखें खोलो देखो बाहर भी आकर
दिया तले अँधेरा कितना सोचो ये अंदर जाकर
प्रथम कदम जब रखता याचक इस मंदिर दर पर लाकर
कितना अन्याय सहन करता वह अंतिम बिंदू तक जाकर
जिस न्याय को पाने आता वो क्या उसे मिल पाता है
या यूनिट के चक्कर में फंस डिस्पोजल पा जाता है
क्या (क्या) बयां करूं उस दिल की जो मलहम की खातिर आता है
दूषित हुई व्यवस्था वश वह बडा जख्म ले जाता है
हे देवी क्या इसी दर्द वश नम हो बंद हुई हैं आँखें
दर्द कहो हमसे तुम अपना आओ हम तुम मिलकर बाटें
(निर्धारित कार्य उपरांत यूनिट बनता है और निर्धारित यूनिट
उपरांत बोनस मिलता है)
दिया तले अँधेरा कितना सोचो ये अंदर जाकर
प्रथम कदम जब रखता याचक इस मंदिर दर पर लाकर
कितना अन्याय सहन करता वह अंतिम बिंदू तक जाकर
जिस न्याय को पाने आता वो क्या उसे मिल पाता है
या यूनिट के चक्कर में फंस डिस्पोजल पा जाता है
क्या (क्या) बयां करूं उस दिल की जो मलहम की खातिर आता है
दूषित हुई व्यवस्था वश वह बडा जख्म ले जाता है
हे देवी क्या इसी दर्द वश नम हो बंद हुई हैं आँखें
दर्द कहो हमसे तुम अपना आओ हम तुम मिलकर बाटें
(निर्धारित कार्य उपरांत यूनिट बनता है और निर्धारित यूनिट
उपरांत बोनस मिलता है)
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