यह जीवन एक कहानी है ,
जो बिखरी जग के कण-कण में ।
जिसका ओर न छोर कहीं है ,
जो बढती जाती छण-छण में ।
यह जीवन सुंदर वीणा है ,
जो तुम्हें बजाना ही होगी ।
सब जगती की सुध बिसराकर ,
यह तुम्हें सुनाना ही होगी ।
यह जीवन लम्बी एक सफर ,
युग-युग तक चलते जाना है ।
धर्म- अधर्म दो मार्ग दीर्घ ,
बस उन पर बढते जाना है ।
इक पाप-पुण्य की गठरी ही ,
हर दम साथ तुम्हारा देगी ।
बस राम- नाम की ही लाठी ,
तुमको 'उस' तक पहुँचा देगी ।
यह जीवन गूढ़ समस्या है ,
जिसको सुलझाना ही होगा ।
जन्म-जन्म के बाद सही पर ,
मोक्ष तुम्हें पाना ही होगा ।
जो बिखरी जग के कण-कण में ।
जिसका ओर न छोर कहीं है ,
जो बढती जाती छण-छण में ।
यह जीवन सुंदर वीणा है ,
जो तुम्हें बजाना ही होगी ।
सब जगती की सुध बिसराकर ,
यह तुम्हें सुनाना ही होगी ।
यह जीवन लम्बी एक सफर ,
युग-युग तक चलते जाना है ।
धर्म- अधर्म दो मार्ग दीर्घ ,
बस उन पर बढते जाना है ।
इक पाप-पुण्य की गठरी ही ,
हर दम साथ तुम्हारा देगी ।
बस राम- नाम की ही लाठी ,
तुमको 'उस' तक पहुँचा देगी ।
यह जीवन गूढ़ समस्या है ,
जिसको सुलझाना ही होगा ।
जन्म-जन्म के बाद सही पर ,
मोक्ष तुम्हें पाना ही होगा ।
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