हर कर्म ऐसा करो कि जिससे तेरा मान हो, हर कदम आगे बढे जो वो तेरी पहचान हो. कर्म से बन जाये पथ पर तेरे कदमो के निशां, मंजिलें बन जाय उनसे रोशन हर इंसान हो.
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